Category Archives: अभिव्यक्ति

किसानों आंदालोन को लेकर सर्वोच्च अदालत ने दिया यह सुझाव

किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि कोरोना महामारी के खतर को देखते हुए केंद्र से पूछा कि किसान आंदोलन में कोविड नियमों का ध्यान रखने की जरूरत है। मुख्य न्याया​धीश एस ए बोबडे ने कहा कि ‘हमें नहीं पता कि किसान कोरोना से सुरक्षित हैं या नहीं? अगर नियमों का पालन नहीं किया गया

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कई राज्यों में बरपा बर्ड फ्लू का कहर: जानें राजस्थान का हाल

कोरोना वायरस के टीके की खबर से देश को थोड़ी राहत मिली ही थी कि अब कई राज्यों में बर्ड फ्लू ने चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक सप्ताल में कई राज्यों में भारी तादाता में पक्षियों की तेजी से मौत हो रही है। राजस्थान में कई जिलों में कौवों की बड़ी संख्या में मौते होने की खबर से सरकारी

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किसानों की मांगों पर जल्द लग सकती है मुहर, जानें पूरी खबर

3 नये कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के साथ लगातार वार्ता कर रही केन्द्र सरकार अब उनकी मांगों पर मुहर लगाती हुई नजर आ रही है। किसान संगठनों की 4 मांगों में से सरकार ने उनके एजेंडे की दो मांगें मान लीं। इसमें पराली जलाने को लेकर

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सतत विकास के लिये डायवर्सिटी को अपनाना समय की ज़रूरत हैं  – सत्येन्द्र मुरली

It is very important to adopt diversity for sustainable development  ************************ संयुक्त राष्ट्र (United Nations) जिन सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals- SDGs) की बात करता है, और तमाम देशों की पॉलिसी में शामिल करवाने का दबाव बनाये रखता है, उनको भारत सरकार व राज्य सरकारें दिखावे भर के लिये ही अपनाती है. संतुष्टी के लिये लिखित अथवा मौख़िक रूप

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मा .कांशीराम ने जातियों और समुदायों के चमचे किसे और क्यों कहा  – जानें आज की सच्चाई दलितो की 

To whom and why did Mr. Kanshiram say that the spices of castes and communities – know today’s truth of Dalits   “इस लंबी और दुखद कहानी का अंत करने के लिए कांग्रेस ने पूना समझौते का रस चूस लिया और छिलका अछूतों के मुंह पर फेंक  दिया।” -डॉ. बी.आर. आंबेडकर मा .कांशीराम जी के महा परिनिर्वाण दिवस पर उनकी

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बाबरी मस्जिद का फैसला – न्याय प्रणाली की कसौटी पर उठते सवाल – भगवा राज में किस ओर जा रहा हैं देश

 तो फिर बाबरी मस्जिद ढांचा किसने तोडा – बड़ा सवाल ……………….राम रथ यात्रा का उदेश्य क्या था ……….देश को पूछता हैं  आडवानी जी   यह सार्वभौमिक सत्य है की अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को तोड़कर गिराया गया था, इसे गिराने का आरोप कार सेवकों जो कि भाजपा , विश्व हिंदू परिषद , बजरंग दल ,RSS

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आपका ज़मीर आख़िर जिन्दा क्यों है – 21 वीं सदीं में इंसान मलमूत्र में अपना मुहँ दे रहा है

Why is your conscience alive – in the 21st century man is giving his mouth in excreta राजस्थान . जयपुर | भारत देश आज परमाणु सम्पन्न है और विश्व पटल पर अपनी एक साख रखता है लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी कुछ ऐसे अमानवीय द्रश्य हमारी आखों के सामने आ जाते है की हम अपने आप से ही कई

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क्या भारत में मोदी { पूंजीवाद } के खिलाफ़ – लाल सलाम { कार्ल मार्क्स & लेनिन } क्रांती की आहट शुरू हो चुकी है ,जानें यहाँ

Has the cry for Lal Salaam {Karl Marx & Lenin} revolution started against Modi {capitalism} in India, know here The basic lessons of Lenin are still the same, right and very important today – श्रमजीवी वर्ग के महान क्रांतिकारी नेता और शिक्षक, वी.आई. लेनिन रूस के मजदूर वर्ग और मेहनतकश जनसमुदाय को संगठित करके पूंजीपतियों का तख्तापलट करने, और मानव

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क्या असदुद्दीन ओवैसी देश में मुसलमानों के लियें उपयुक्त है – ओवैसी परिवार -इतिहास यहाँ जानें

ओवैसी मुल्क और मुसलमानों के लिए फायदेमंद हैं या नुकसानदेह  – ——————————————— असदुद्दीन ओवैसी जो कि एमआईएम के सदर और हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद हैं। जिनको लेकर आजकल मुस्लिम कौम में जबरदस्त उत्साह है। काफी मुसलमान उन्हें अपना सियासी रहनुमा मान रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बहुत से लोग ख़ासकर तथाकथित सेक्यूलर पार्टियों से जुड़े हुए लोग उन्हें भाजपा

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पत्रकार अपनी विश्वसनियता बनाए रखें – रोहिताश सैन

हिंदी पत्रकार दिवस समारोह – देहरादून । इंडियन मीडिया जर्नलिस्ट्स यूनियन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और  वरिष्ठ पत्रकार रोहिताश सैन ने कहा है कि आज के समय में पत्रकारों के सामने अपनी विश्वसनियता को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है और इस चुनौती का मुकाबला हम तभी कर सकेंगे जब हम अपने कार्य को पूजा समझ कर नहीं करेंगे। सैन ने

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