सामाजिक सुरक्षा और कल्याण की 103 अरब 44 करोड़ 8 लाख 6 हजार रुपये की अनुदान मांगे ध्वनिमत से पारित – जानें किस योजना में किसे क्या मिला

सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित  बजट घोषणाओं से सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी – सामाजिक
न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री
जयपुर, 11  मार्च। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने कहा है कि डीएनटी पॉलिसी, देवनारायण योजना में 200 करोड़ का पैकेज,  विशेष योग्यजन के लिए छात्रवृति में वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा पेन्शन योजना के लाभान्वितो को बीपीएल का दर्जा देने जैसे कदमों से राज्य में सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और समाज के अन्य सताए हुए लोगों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर संवेदनशील है।
यादव ने विधानसभा में मांग संख्या 33 (सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण) की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। चर्चा के बाद सदन ने सामाजिक सुरक्षा और कल्याण की 103 अरब 44 करोड़ 8 लाख 6 हजार रुपये की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दी।
बजट घोषणाओं से सामाजिक सुरक्षा मजबूत –
राज्यमंत्री यादव ने कहा कि अम्बेडकर डीबीटी वाउचर से 5 हजार छात्र लाभान्वित होगें। एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के समावेशी विकास हेतु प्रत्येक वर्ग के लिये 100 करोड रूपये से विकास कोष और ट्रान्सजेण्डर्स के लिए 10 करोड़ के उत्थान कोष बनाया जायेगा।
उन्होंने कहा कि वाल्मिकी समाज के बच्चो एंव युवाओं के प्रशिक्षण के लिए 20 करोड़ का वाल्मिकी कोष बनाया जाएगा। राजकीय छात्रावासों एंव आवासीय विद्यालयों में पात्रता की सीमा 8 लाख रूपये वार्षिक पारिवारिक आय रखी गई है।
उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था और विशेष योग्यजन पेंशन में 250 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोत्तरी से लगभग 58 लाख पेंशनर्स को लाभ मिला है। राजस्थान सरकार ने सिलिकोसिस पीड़ितों के लाभ के लिए राजस्थान न्यूमोकोनोसिस (सिलिकॉसिस) नीति, 2019 लागू की है। इसके तहत 19,361 सिलिकोसिस पीडितों को  1500 रुपये प्रतिमाह की पेंशन राशि का भुगतान किया जा रहा है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ने कहा कि 1 जुलाई, 2019 से पेंशन स्वीकृति की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। इससे दिसबंर, 2018 के मुकाबले राज्य में 19.50 लाख पेंशनर्स को ज्यादा लाभ मिला है। वर्तमान में लगभग 84 लाख 86 हजार पेंशनर्स हैं और लंबित पेंशन आवेदन पत्रों की संख्या शून्य हो गई है। अब पेंशनर्स को हर महीने भौतिक सत्यापन की बजाय प्रति वर्ष केवल नवंबर और दिसंबर में ही भौतिक सत्यापन कराए जाने का प्रावधान किया है। कोविड-19 की विषम परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए इस वर्ष भौतिक सत्यापन की अवधि 31 मार्च, 2021 तक बढा दी गई है।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 की विषम परिस्थितियों में राज्य के 33 लाख जरूरतमंद परिवारों को विभाग के माध्यम से 877 रूपये की राशि समेत कुल 1,155 करोड की सहायता राशि उपलब्ध करवाई गई है।
पेंशनर्स को ग्राम पंचायत पर स्थित राजीव गांधी सेवा केन्द्रों पर हर महीने पेंशन वितरण किया जायेगा। इससे पेंशनरों को अपने नजदीकी स्थान पर ही पेंशन राशि उपलब्ध हो सकेगी।
विभाग द्वारा अप्रेल, 2020 से पेंशन की केन्द्रीकृत भुगतान प्रणाली प्रारंभ की गई है। अब विभाग के निदेशालय स्तर पर ही एक आहरण एवं वितरण अधिकारी बनाया गया है। राज्य के एक ही कोषालय के माध्यम से समस्त पेंशनर्स को भुगतान किया जा रहा है।
लघु एवं सीमान्त वृद्धजन कृषक योजना उन्होंने बताया कि लघु एवं सीमान्त वृद्धजन कृषक पेंशन योजना लागू की गई है। इससे 2 लाख 68 हजार किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
पालनहार योजना
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में पालनहार योजना के अन्तर्गत फरवरी 2021 तक 495 करोड रूपये व्यय किए गए। योजना के तहत 4 लाख 92 हजार 271 बच्चों को लाभान्वित किया गया।
उत्तर मेट्रिक छात्रवृति योजना
 यादव ने बताया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक पिछड़ा वर्ग, विमुक्त घुमंतू एवं अर्धघुमंतू वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के 2 लाख 48 हजार 958 छात्र-छात्राओं को फरवरी 2021 तक 422.77 करोड रूपये की छात्रवृत्ति प्रदान कर लाभान्वित किया गया।
आवासीय विद्यालयों से मिल रहा लाभ
उन्होंने बताया कि सत्र 2020-21 में 722 राजकीय और 84 अनुदानित विद्यालय स्तरीय और महाविद्यालय स्तरीय 806 छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। इनमें छात्र-छात्राओं की स्वीकृत क्षमता 38 हजार 486 है। उन्होंने बताया कि अन्य पिछडा वर्ग, अति पिछडा वर्ग और आर्थिक पिछडा वर्ग राजकीय छात्रावासों की मैस भत्ते की राशि 2 हजार  से बढ़ाकर 2500/- रूपये प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह की गयी है।
महिला कल्याण के कार्य
उन्होंने बताया कि महिला पुनरूत्थान,  सुरक्षा और जीविकोपार्जन के लिए संभाग स्तरीय नारी निकेतनों/राज्य महिला सदन में आवासित महिलाओं की सुविधाओं हेतु वर्ष 2020-21 में प्रति माह प्रति आवासी राशि 1900/-रूपये से बढाकर 2500/- रुपये किया गया है।
वृद्धजन कल्याण के कार्य 
 यादव ने बताया कि स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से राज्य के 13 जिलों में 20 भक्त श्रवण कुमार कल्याण सेवा आश्रम (डे-केयर सेन्टर) और 23 जिलों में 42 वृद्धाश्रम केन्द्र संचालित किए जा रहे है। वर्तमान में इनकी स्वीकृत क्षमता 1275 है। इनमें 60 वर्ष या अधिक आयु के पुरूष और 55 वर्ष या अधिक आयु की निःसहाय, सन्तानहीन, परित्यक्त महिलाएओं को प्रवेश दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में फरवरी 2021 तक 1.94 करोड रुपये की राशि वृद्धाश्रम एवं डे-केयर सेन्टरों पर व्यय की गई है।
नवजीवन योजना
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण,  भण्डारण और विक्रय में लिप्त लोगों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए नवजीवन योजना चलाई जा रही है। वर्ष 2020-21 में इसके लिए 5.11 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया। फरवरी 2021 तक योजना के तहत 3.81 करोड रूपये का व्यय कर 4,293 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया।
देवनारायण योजना
उन्होंने बताया कि वर्तमान में संपूर्ण राज्य में देवनारायण योजना चलाई जा रही है। इसके तहत अति पिछडे वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजना,  पूर्व मैट्रिक छात्रवृति योजना, अनुप्रति योजना,  छात्रावास,  आवासीय विद्यालय संचालित है। देवनारायण योजनान्तर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए वर्ष 2020-21 में 222 करोड़ 36 लाख  रूपये का बजट प्रावधान रखा गया। फरवरी 2021 तक 131 करोड़ 44 लाख रूपये का व्यय हो चुका है। वर्ष 2021-22 में योजना के तहत 213 करोड़ 76 लाख रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है।
अनुसूचितजाति/जनजाति अत्याचार निवारण के लिए तत्काल सहायता
 यादव ने बताया कि अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्तियों पर गैर अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्तियों द्वारा अत्याचार करने पर पीड़ित/आश्रित को न्यूनतम राशि 85 हजार रु. से अधिकतम 8 लाख 25 हजार रुपये तक की राहत राशि प्रदान की जाती है। ये राशि जल्द दिलाने के लिए विभागीय वेबपोर्टल को सीसीटीएनएस से जोड़ा गया है।
विशेष योग्यजन का बढ़ाया आरक्षण उन्होंने बताया कि विशेष योग्यजनों को सरकारी सेवाओं में आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया गया है
बाल मित्र योजना करेगी पीड़ितों की सहायता
उन्होंने बताया कि लैंगिक हिंसा/दुर्व्यवहार से पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों की सहायता के लिए बाल मित्र योजना लागू की गई है। योजना के अन्तर्गत बाल मित्र को बच्चों के केस प्रबंधन के लिये पारिश्रमिक के रूप में 9 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

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