इस कारण अन्नदाता को नहीं मिला उचित सम्मान

नये कृषि कानुन के लागु होने के बाद से किसानों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा था और जब सरकार ने इन की बातों पर ध्यान नहीं दिया तो अन्नदाता सड़कों पर उतर ​गया और दिल्ली में बैठी मोदी सरकार को कानुन में सुधार करने के साथ उनकी मांगों पर विचार करने के लिए मजबुर कर दिया।

किसानों का शोषण कोई नयी बात नहीं है कई सालों से किसानों के हितों को अनदेखा किया जा रहा है और इसके कारण भारत में सबसे ज्यादा किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं। आज तक किसानों की हितों की बात करें तो सारी पार्टियां उनको सपने तो दिखाती है लेकिन आत तक उनका भला किसी ने नहीं किया जिसके कारण आज किसान खेती करना छोड़ अपनी जमीन बेचने पर मजबूर हो गया है।

किसानों की दशा सुधारने के लिए कई समितिया बनाई गयी लेकिन वह केवल कागजों में ही सिमट कर रही गयी

 

नया कृषि कानुन आने के बाद पीएम मोदी ने किसानों को भरोसा दिलाया की इस बिल से कोई नुकसान नही होगा लेकिन किसानों को लगा की इससे उनको उचित दाम पर फसल बेचने पर परेशानी हो सकती है तो उन्होंने आंदोलन शुरू कर दिया।

आज दिल्ली में किसानों के साथ सरकार वार्ता करेगी लेकिन इस बात पर विचार करने की जरूरत है कि आखिरकार यह नौबत क्यों आई की किसान को दिल्ली आकर प्रदर्शन करना पड़ा। यह बेजीपी या कांग्रेस का नहीं सभी दलों के लिए एक संकेत है कि 70 साल में कई राजनितीक पार्टियों ने किसानों के नाम जमकर राजनीति की और कई राज्यों में सीएम तो कोई पीएम भी बना लेकिन किसी ने किसनों का भला नहीं किया आज जब किसान सड़कों पर उतरा तो सारी पार्टिया अपने आपको किसानों की हितेषी बता कर अपना वोट बैंक मजबूत करने में जुट गयी है। सहारे दिल्ली तक

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s