प्रशासन ने कार्य का ठेका दिया , ज़िन्दगी का नहीं ……………… ठेकेदार की लापरवाही से सफाईकर्मी की  ” गटर लाइन में जहरीली गैस “से मौत 

ठेकेदारों में नहीं हैं कानून  का कोई भय वाल्मीकि समाज के मृतक की बोली 2 लाख से 5 लाख तक पहुचीं – प्रशासन तमाशबीन आखिर कब तक – 
” राज कमल बिल्डर ”  कंपनी हैं ने की हैं इन मजदूरों की हत्या  की हैं   मुकदमा दर्ज हो और ” राज कमल बिल्डर ” को ब्लैक लिस्टेड करे  – राजस्थान सरकार 
 

मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में रोज़गार का निषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 (Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013) की ठेकेदारों द्वारा धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आख़िर क्यों – 

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पवन देव

बीकानेर |  बीकानेर में आज फिर से प्रशासन की लापरवाही से एक वाल्मिकी सफाईकर्मी की मौत हो गई जबकी एक अन्य सफाईकर्मी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा हैं राजस्थान मुख्यमंत्री गहलोत जी ने कुछ समय पूर्व घोषणा की थी कि वाल्मीकि समाज के या कोई भी सफाईकर्मी किसी भी कीमत पर सीवरेज लाइन में नहीं उतरेगा और सभी सफाईकर्मी कार्य करते समय सभी उपकरण ड्रेस पहन कर भी मशीनों से कार्य करेंगे  ( कानून के अनुसार )  लेकिन आज की घटना ने मुख्यमंत्री जी की सोच और कार्य शक्ति पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दियें हैं जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी वाल्मीकि व सफाईकर्मीयों के मुद्दे पर बहुत संवेदनशील रहते हैं लेकिन ठेकेदारों ने उनके सपने पर आज पानी फेर दिया
घटना अनुसार –
बीकानेर के गंगा शहर में सीवरेज लाइन बिछाने का काम चल रहा हैं इस दौरान सीवरेज चैम्बर की नाप ली जानी थी जिसमे R U I D P  कंपनी ने ” राज कमल बिल्डर ” कंपनी को ठेका दे रहा हैं  राज कमल कंपनी द्वारा मजदूरो को बीना कोई उपकरण और सुरक्षा  नियमो – मापदंडो को दरकिनार कर कार्य किया जा रहा था जिसकी शिकायत कई बार स्थानीय नेताओं और पार्षद ने भी की थी लेकिन इस पर कोई करवाई नहीं हुई जिसका नतीजा यह निकला की लापरवाही से एक श्रमिक की मौत हो गई जबकि दूसरा P B M अस्पताल के ट्रोमा में जीवन और  मौत के बीच जंग लड़ रहा हैं |
मृतक मूला राम (30 ) के परिवारजनों को अब ठेकेदार दबंगई कर मुकदमा दर्ज नहीं करवाने व् पैसे लेकर रफा -दफा करने का दबाब बना रहा हैं एक तो गैर इरातन हत्या का अपराध दूसरा अपनी कार गुजारी को छपाने के लियें एक और अपराध यह तो हद हो गई –

फ़ाइल् फोटो – प्रतीकात्मक

घटना अनुसार मुलाराम 30 और सर्वादय बस्ती निवासी महेंद्र जो की अस्पताल में मौत और जिन्दगी के बीच लड़ रहा हैं को ठेकेदार ने 16 फीट निचे सीवरेज की पेमाइश करने बिना कोई उपकरण के उतार दिया पहले मूला राम उतरा जब 15 मिनट बाद निचे कोई हरकत नहीं दिखाई दी तो ठेकेदार ने बीना कोई उपकरण के दुसरे व्यक्ति महेंद्र को उतार दिया जिससे जहरीले गैस से मूला राम की मौत हो गई जबकि महेंद्र अचेत अवस्था में पी बी एम् अस्पताल में भर्ती हैं |
सुचना के अधिकार 2005 से पता लगा की –
थानों में कोई भी  ऍफ़ आई आर ( FIR )  ही इन घटनाओं की दर्ज ही नहीं होती – सीवरेज लाइन में सफाई के लियें उतरने वाले कितने वाल्मीकि समाज के लोग जहरीली गैस से दम तोड़ चुके हैं लेकिन प्राइवेट ठेकेदार 2 से 5 लाख देकर इन का मुहँ बंद कर देता हैं और कोई भी केस दर्ज नहीं हो पाता तो सरकार इस कुप्रथा को रोकने के लियें कैसे  प्रयास करे – यह एक बड़ा सवाल हैं
राजस्थान में विगत कुछ वर्षो में 40 से अधिक लोगों की मौत इन सीवरेज लाइन की सफाई के वक्त जहरीली गैस से दम घुटने से हो चुकी हैं लेकिन ठेकेदार प्रशासन सब चुप रह कर मुद्दे को दबा देते हैं क्योकि वाल्मीकि समाज के लोग कोई इंसान थोड़े हैं इनके लियें –
क्या निगम व नगर पालिका के पास हैं सभी जरूरी उपकरण – 
राजस्थान में 7 नगर निगम व सभी मुख्य जिलों में नगर पालिका हैं और उनके अधिकतर वाल्मीकि समाज के लोग ही सफ़ाईकर्मी का कार्य करते हैं लेकिन रोड़ों की सफाई तक तो ठीक हैं लेकिन सीवरेज के सफाई में भी बिना किसी उपकरण मशीनों वाल्मीकि समाज के लोग सीवरेज लाइन में उतरकर मुँह देने में मजबूर हैं  आखिर कानून 2013 Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013) बनने के बाद भी कब तक वाल्मीकि समाज के लोग सीवरेज लाइन की जहरीली गैस से दम तोड़ते रहगें

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