मोदी जी का विकास पगला गया – GDP माइनस -23.9 शर्मनाक , होटल माइनिंग .ट्रांसपोर्ट .मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रो पर बड़ा नकारात्मक प्रभाव – देखे ख़ास रिपोर्ट

मोदी जी का विकास पगला गया – GDP माइनस -23.9 शर्मनाक , फेल होती मोदी सरकार – विश्वमंच ने आलोचना की 

# राहुल गाँधी सहित कांग्रेस ने साधा निशाना –

केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय ने  जीडीपी के आंकड़े जारी कर दिए, जिसमें यह नकारात्मक रूप से 23.9 फ़ीसदी रही है यह आकड़े तो सिर्फ संगठित क्षेत्रो के हैं जबकि भारत में असंगठित क्षेत्र के कामगार बहुत बड़ी संख्या में हैं जिनका सटीक कोई भी आकड़े लेखा – जोखा सामने नहीं आ पाया हैं बड़े अर्थशास्त्रीयों का कहना हैं की भारत की वास्तविक स्थिति बड़ी चिंता जनक हैं मोटे तौर पर जीडीपी – 23.9 से भी अधिक हैं जो की चिंता का विषय हैं |

कोरोना संकट की वजह से अप्रैल से जून की इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 23.9 फीसदी की ऐतिहासिक गिरावट सामने आई है

भारतीय अर्थव्यवस्था में इसे 1996 के बाद ऐतिहासिक गिरावट माना गया है और इसका प्रमुख कारण कोरोना वायरस और उसके कारण लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन को बताया जा रहा है.

दुनिया में एक समय सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था रहे भारत के इस नए जीडीपी आंक

ड़े से जुड़ी ख़बरों और लेख को दुनियाभर के तमाम अख़बारों और मीडिया हाउसेज़ ने अपने यहां जगह दी है लगभग सभी सम्पादकीय लेखो में भाजपा मोदी सरकार की आलोचना की गई हैं

 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साधा निधाना कहा –

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्विटर के माध्यम से कहा की

अर्थव्यवस्था डूब रही है पर केंद्र सरकार ने इसे सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाए , कोरोना काल में देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से लड़ खड़ा रही है

मंगलवार को जीडीपी के आंकड़े आए तो कांग्रेस में इसे लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था 23% कम हो रही है की गिरावट का रिकॉर्ड है उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था डूबी जा रही है लेकिन स्थिति को सुधारने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है  उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को जो भी सुझाव चेतावनी दी गई वह सब उन्होंने अनदेखी कर दी उन्होंने कहा कि सरकार कीअयोग्यता के कारण जनता परेशान हो रही है इसके लिए केंद्र सरकार का दोष

पूर्ण आर्थिक नीतियां एवं वित्तीय प्रबंध जिम्मेदारी इसको लेकर गहलोत सरकार पहले भी केंद्र सरकार चेता चुकी हैं  |

क्या कहते हैं  तिमाही के आकड़े – जो चिंता जनक हैं 

चालू वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में हुई नकारात्मक वृद्धि – 23.9 दर्ज की गई हैं

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी जीडीपी के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है जो कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही चिंताजनक है।  माइनिंग सेक्टर में 23.3 प्रतिशत, ट्रेड, ट्रांसपोर्ट, होटल में 47 प्रतिशत, मैन्युफैक्चरिंग में 39.3 प्रतिशत, कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 50.3 प्रतिशत तथा उत्पादन सेक्टर में 20.5 प्रतिशत की भारी गिरावट आयी है।  पिछले 24 वर्षों में जीडीपी की यह सबसे बड़ी गिरावट है।

विश्व की प्रमुख देशों की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल सर्विस तथा यूटिलिटी सेक्टर में क्रमशः 5.3 व 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है जिसे उपरोक्त की तुलना में संतोषजनक कहा जा सकता है।
केन्द्र सरकार द्वारा बिना किसी तैयारी के लॉकडाउन का फैसला लिया गया, जिसका सीधा असर असंगठित क्षेत्र पर पड़ा, आर्थिक गतिविधियां एकदम बंद हो गई तथा सरकार की आर्थिक नीतियों का लाभ जनता को नहीं मिल पाया जिस कारण जीडीपी में इतनी भारी नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।
जीडीपी के आंकडों से साबित हो रहा  है कि देश की अर्थव्यवस्था ऐसे दौर में पहुंच गई है जिसका बहुत बुरा प्रभाव आगामी समय में मजदूर, किसान, नौजवान सहित आम आदमी पर पड़ने वाला है।  केन्द्र सरकार को शीघ्र ही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

 

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