दौसा जिले के विधार्थी ” लोक प्रशासन ” विषय को राजकीय महाविधालय में जुडवाने हेतु दर – दर भटक रहें – आख़िर क्यों 

Students of Dausa district are wandering rate by rate to get the

subject of “Public Administration” in the state college – why?

दौसा जिले के विधार्थीयों की ” लोक प्रशासन ” विषय को जुडवाने की मांग – 
पवन देव 
जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शिक्षा को लेकर गंभीर रहते हैं और इसके लियें उन्होंने अपने कार्यकाल में कई विश्व विधालय खोले थे जिनमें पिछले कार्यकाल में पत्रकारिता में उच्च आयाम स्थापित करने हेतु ” हरीदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविधालय व् कानूनी शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु डॉ अम्बेडकर लॉ विश्वविधालय खाले थे यह दोनों विश्वविधालय अपने में ख़ास थे लेकिन भाजपा सरकार में इन दोनों विश्वविधालय के साथ छेड़ छाड़ कर मर्ज / बंद करने की कोशिश की गई थी लेकिन 2018 कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रथम केबिनेट मीटिंग में ही इन दोनों विश्वविधालय सकारात्मक रूप से सुचारू किया व् इनकी बिल्डिंग के लियें जगह व् बजट भी आवंटित किया जो की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का शिक्षा के क्षेत्र गंभीरता दर्शाता हैं लेकिन आज दौसा जिले में मुख्यमंत्री गहलोत के कार्यकाल में भी लोक प्रशासन विषय को राजकीय महाविधालय में जुडवाने हेतु छात्र -छात्रायें दर -दर भटक रहें हैं प्रशासन इन स्टूडेंट्स की कोई सुध ही नही ले रहा हैं |

मुख्यमंत्री – राजस्थान
अशोक गहलोत { फ़ाइल् फोटो }

 वर्तमान समय में  दौसा जिले के किसी भी राजकीय महाविद्यालय में लोकप्रशासन विषय नही, छात्र लम्बे समय से कर रहे हैं माँग, 16 जुलाई 2020 को उच्चशिक्षा मंत्री के नाम ज़िला कलेक्टर दौसा को नए राजकीय महाविद्यालय नांगल राजावतान में लोकप्रशासन विषय खुलवाने हेतु मूलनिवासी विद्यार्थी संगठन सहित विभिन्न छात्र संगठनों ने ज्ञापन भी दिया था जिस पर अभी तक कोई कारवाई नहीं हुई जिस पर गरीब परिवार के बच्चे जो सिविल सेवा व् अन्य प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहें हैं वह इस विषय के अभाव में महगें विश्वविधालय में जाने पर मजबूर हो रहें हैं जो की सरकार की लापरवाही को दर्शाता हैं |
ग़ौरतलब है कि पूर्वी राजस्थान के जिलों में लोकप्रशासन विषय की स्थिति शर्मसार करती हुई – एक नजर 
  ज़िला            कॉलेज    लोकप्रशासन
1 धौलपुर           08            00
2 करौली           08            00
3 सवाईमाधोपुर    07           00
4 दौसा              11            00
इन चार जिलों में कुल 34 कॉलेज हैं किसी भी राजकीय महाविद्यालय में लोकप्रशासन विषय नही है।
5 टोंक                08           01 
6 अलवर            16            03
7 भरतपुर            13            04
 
कुल                    71             08
इस प्रकार पूर्वी राजस्थान के इन सात जिलों के 71 कॉलेजों में से सिर्फ़ 8 में लोकप्रशासन है, पीजीकोर्स एक जगह टोंक में ही है। हाल ही में मुख्यमंत्री महोदय ने 37 नए कॉलेजों को वित्तीय स्वीकृति जारी की है।
दौसा जिले में नांगल राजावतान 11वाँ कॉलेज है जहाँ के लिए विभिन्न विद्यार्थी संगठन सरकार से लगातार लोकप्रशासन विषय की माँग कर रहे हैं। मूलनिवासी विद्यार्थी संगठन दौसा के सक्रिय पदाधिकारी गोविंद ज़ोनवाल, प्रशांत वर्मा व हंसराज मीणा का कहना है कि “लोकप्रशासन विषय सिविल सर्विस सहित प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण विषय है, आरएएस परीक्षा में लोकप्रशासन विषय 150 से अधिक पाठ्यक्रम कवर करता है। अन्य कॉलेजों में चित्रकला, संस्कृत, गृहविज्ञान, दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान विषय बहुतायत में हैं, लेकिन लोकप्रशासन विषय का नही होना बहुत आश्चर्यजनक व निराशाजनक है। हमारी सरकार से माँग है कि नए कॉलेज नांगल राजावतान में लोकप्रशासन विषय खोला जाए” |

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