प्रताप सिंह खाचरियावास जो हैं वो सचिन पायलट की वजह से हैं – ACB के डर से गहलोत के इशारे पर कर रहें हैं ओछी बयान बाज़ी – मुकेश भाकर 

प्रताप सिंह खाचरियावास की ओछी बयान बाज़ी को लेकर पहले चाकसू विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने पहले ही विडिओ जारी कर खंडन किया था और अब सचिन पायलट के गुट के मुकेश भाकर ने कड़े शब्दों में चेताया हैं – 
राजस्थान की सियासत थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं इस सियासत उठापटक में सबसे अधिक सचिन पायलट गुट पर जो बयान बाज़ी कर रहें हैं वह प्रताप सिंह खाचरियावास हैं जिन्होंने दलित विधायक वेद प्रकाश सोलंकी पर तो ” बांध कर ले आता ” का बयान तक दे डाला जिसकी निंदा विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने वीडियो जारी कर खंडन करा हैं |
पायलट की वजह से प्रताप इस मुकाम पर उनके खिलाफ नहीं बोलें तो बेहतर भाकर
पायलट गुट में शामिल विधायक मुकेश भाकर ने मंगलवार को वीडियो जारी करके परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास को जमकर खरी-खोटी सुनाई। भाकर ने कहा कि प्रताप सिंह खाचरियावास ने जिस तरह से पायलट गुट के खिलाफ बयान दे रहे है, वो पूरी तरह से गलत है। प्रताप सिंह को सचिन पायलट की वजह से ही ये मुकाम हासिल हुआ है। ऐसे में इस तरह की बयानबाजी पूरी तरह गलत है। प्रताप सिंह की झटपटाहट समझ में आ रही है क्योंकि एसीबी की कार्रवाई में उनके खिलाफ वीडियो की बात सामने आ चुकी है। ऐसे में गहलोत की गुलामी समझ में आ रही है। ऐसे में हमारा कहना है कि पायलट के खिलाफ ज्यादा नहीं बोले तो बेहतर रहेगा। ओछी भाषा का उपयोग नहीं करें क्योंकि जनता सब जानती है।

pratap singh khachriyawaas

राजभवन से मंजूरी मिले तो 2 दिन में  सत्र बुलाने के लिए तैयार हैं विधानसभा अध्यक्ष 
राज्य सरकार ने मंगलवार को राज्यपाल कलराज मिश्र को फिर अर्जी भेजकर 31 जुलाई को विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है। राज्यपाल दो बार सरकार को फाइल वापस लौटा चुके हैं, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि इस बार उसे उम्मीद है कि राज्यपाल सत्र बुलाने की मंजूरी जरूर देंगे। ऐसे में सरकार की अर्जी पर राज्यपाल बुधवार को मंजूरी दे देते हैं तो सरकार के पास सत्र की तैयारियों के लिए दो दिन का समय होगा। राज्य सरकार ने कैबिनेट के अनुमोदन से राज्यपाल को जो जवाब तैयार कर भेजा है, उसमें स्पीकर के हवाले से कहा गया है कि यदि राज्यपाल सत्र चलाने की मंजूरी देते हैं तो वे 2 दिन में भी सत्र चलाने की कार्रवाई पूरी कर लेंगे। इसमें विधायकों को सूचना करना और उनके बैठने व कार्यवाही का प्रसारण करने की व्यवस्था शामिल है। प्रदेश में विधानसभा सत्र बुलाने की मांग को लेकर बीते 5 दिनों से सरकार व राजभवन के बीच घमसान मचा हुआ है। सत्र बुलाने के सरकार के प्रस्ताव को राज्यपाल 2 बार वापस लौटा चुके। मंगलवार को सरकार ने फिर से नया प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर करवाकर राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेज दिया है। अब सरकार राज्यपाल के फैसले का इंतजार कर रही है।
कम अवधि में सत्र बुलाने पर पायलट गुट संकट में आएगा
कम अवधि में सत्र बुलाने की स्थिति में सबसे अधिक संकट पायलट गुट के लिए होगा। क्योंकि यदि सत्र में शामिल नहीं होंगे तो उनकी सदस्यता को लेकर खतरा रहेगा। यदि आ गए तो एसओजी, एसीबी कई विधायकों को गिरफ्तार कर सकती है। इससे पायलट गुट की स्थिति खराब हो जाएगी, जिसका सीधे तौर पर लाभ सरकार को मिलेगा।
@MukeshBhakar_ वीडियो देखे –

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