” रक्तदान …..महादान ” – 29 जुलाई 2019 को शासन सचिवालय जयपुर में –

जयपुर | राजस्थान शासन सचिवालय ” कर्मचारी संघ व् देव युवा जाग्रती मंच ” के संयुक्त तत्वाधान में आगामी 29 जुलाई 2019 को रक्तदान शिविर का आयोजन – सचिवालय के कान्फेंस हाल में किया जा रहा है |

” वक्त का हर क्षण और रक्त का हर कण अमूल्य है ” रक्तदान – करें

 

कहा जाता है की रक्तदान महादान है क्योंकि आप का रक्तदान किसी अन्य व्यक्ति को जीवन दे सकता है जिसे सभी धर्मो – सम्प्रदायों  में सबसे बड़ा पुण्य बताया गया है लेकिन आज के दौर में भी कुछ युवा साथी रक्तदान करने से डरते है उनके मन में रक्तदान को लेकर बहुत सी भ्रांतिया है जो की आज के दौर में एक अभिशाप जैसी है |

रक्तदान से संबधित विशेष जानकारी – 

कौन कर सकता है रक्‍तदान

रक्‍तदान कोई भी कर सकता है। यह बहुत ही सुरक्षित प्रक्रिया है जो कि आसान भी है। रक्‍तदान करने से शरीर में रक्‍त की कमी भी नहीं होती है। 16 साल से अधिक और 50 किग्रा से अधिक वजन का व्‍यक्ति रक्‍तदान कर सकता है।

दिल के लिए फायदेमंद –

रक्‍तदान को दिल के लिए भी अच्‍छा माना जाता है। नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है और रक्तदाता को हृदय आघात से दूर रखता है। रक्‍तदान से खून पतला होता है जो कि दिल के लिए फायदेमंद है।

नयी रक्‍त कोशिकायें बनती हैं –

शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए नई रक्‍त कोशिकाओं की बहुत बड़ी भूमिका होती है। नियमित रूप से रक्‍तदान करने के बाद आपके शरीर में जो नया खून बनता है वह स्‍वास्थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद है।

कैंसर के खतरे को कम करता है –

कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव के लिए भी आप रक्‍तदान करें। नियमित रक्‍तदान करने से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है।

मुफ्त चि‍कित्‍सा जांच –

शरीर की नियमित जांच कराने से बीमारियों का निदान हो जाता है और यह आपको रक्‍तदान के दौरान मुफ्त में मिलता है तो क्‍यों न इसका फायदा उठाया जाये। रक्‍तदाता का वजन, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और ब्लड ग्रुप की जांच की जाती है और रक्तदान के बाद एचआईवी और मलेरिया, एचबीएसएजी, एचसीवी, वीडीआरएल और एंटीबॉडी की स्क्रीनिंग जैसी जांच की जाती है।

रक्तदान कौन कर सकता है –

रक्तदान के लिए उम्र 18 साल से 60 साल के बीच होनी चाहिए।

*  ब्लड डोनेशन के लिए वजन 50 किलोग्राम या इससे अधिक होना चाहिए।

*  हिमोग्लोबिन का स्तर 12 .5 gm/dl से अधिक होना चाहिए।

  • दिल की धड़कन Heart beat – 50 से 100 के बीच होनी चाहिए जो नियमित हो।

*  ब्लडप्रेशर  सामान्य होना चाहिए।

*  सर्दी , खांसी , बुखार आदि नहीं होना चाहिए।

*  पिछली बार रक्तदान किये तीन महीने हो जाने चाहिए।

*  कुछ विशेष प्रकार की बीमारी से पहले कभी या वर्तमान में ग्रस्त ना हों । इसकी जानकारी रक्तदान करते समय ली जाती है।

रक्तदान कौन नहीं कर सकता –

कुछ विशेष परिस्थिति में ब्लड डोनेट नहीं किया जा सकता जो इस प्रकार हैं –

*  ऐसा व्यक्ति जो एच आई वी पॉजिटिव हो।

*  ऐसा व्यक्ति जिसे दिल का दौरा पड़ चुका हो , उच्च रक्तचाप हो , किडनी से सम्बंधित रोग हो या डायबिटीज हो।

  • पिछले छह महीने के दौरान कान छिदवाये हों , कहीं प्रिक किया गया हो या शरीर पर कहीं टैटू बनवाया हो।

  • पिछले छह महीने के दौरान किसी बीमारी से बचने के लिए वेक्सीन लगवाया हो जैसे हेपेटाइटिस बी का वेक्सीन आदि या रेबीज का इलाज लिया हो।

*  यदि कभी मिर्गी , टी बी , अस्थमा  या एलर्जी आदि से ग्रस्त हो।

*  ऐसी महिला जो गर्भवती हो या स्तनपान कराती हो |

*  पिछले एक महीने के दौरान किसी प्रकार का ऑपरेशन हुआ हो |

*  जिस महिला को पिछले छह महीने के दौरान गर्भपात हुआ हो।

*  पिछले 24 घंटे के दौरान शराब का सेवन किया हो।

  • अन्य कोई ऐसी परिस्थिति जो रक्तदान के लिए अनुचित हो।

रक्तदान के समय ध्यान रखने योग्य बाते –

*  रक्तदान से पहले पूछे गए सभी प्रश्नों का सही जवाब देना चाहिए।

*  खून देने से पहले तथा बाद में पानी खूब पीना चाहिए।

*  रक्तदान के समय शांत रहना चाहिए। संगीत का आनंद ले सकते है। बातें कर सकते है। अख़बार या किताब आदि पढ़ सकते है।

*  ब्लड डोनेशन से पहले अधिक वसा युक्त या तला हुआ भोजन , पिज़ा , बर्गर , आइसक्रीम आदि नहीं खाना चाहिए। क्योकि रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ने पर रक्त की जाँच नहीं हो पाती और दिया हुआ खून व्यर्थ जा सकता है।

  • रक्तदान के बाद उस दिन बहुत भारी सामान नहीं उठाना चाहिए। बहुत कड़ी कसरत नहीं करनी चाहिए। सामान्य कार्य कर सकते हैं |

* रक्त देने से पहले धूम्रपान नहीं करना चाहिए।

  • रक्त दान करने से दो दिन पहले तक शराब नहीं पीनी चाहिए।

एक रिसर्च में पाया गया की रक्तदान के कई फायदे भी होते हैं। जैसे हार्ट अटैक, मधुमेह, कैंसर की आशंका कम होना। शरीर में कोलेस्टॉल की मात्रा घटना। शरीर में ज्यादा आयरन होना भी शरीर के लिए हानिकारक हो जाता है। रक्तदान करने से आयरन की मात्रा शरीर में नियंत्रित रहती है। रक्तदान महादान है। इससे किसी की जिंदगी को बचाने में आप सहयोग करते हैं, जिसकी खुशी को बयां नहीं किया जा सकता, केवल महसूस किया जा सकता है।

नोट – रक्तदान के समय रक्तदाता को डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिये विशेष परिस्थतियों की जानकारी देकर सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि रक्तदान किया जा सकता है या नहीं।

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