जिग्नेश मेवाणी – जयपुर में भरगे हुंकार

“युवा हुंकार रेली- भाजपा के लिए बढ़ सकती है  मुश्किलें  –

जयपुर | दलितों पर बढ़ते अत्याचार और मोदी सरकार की दलित विरोधी निति के ख़िलाफ़ जिग्नेश मेवाणी जयपुर में 25 फ़रवरी को हुंकार रैली करने जा  रहे है |

 

भाजपा की वर्तमान केंद्र और राज्य सरकारे रोजगार जैसे अहम मुद्दे पर ही सत्ता मे पहुंची थी एवं माननीय प्रधानमंत्री जी ने तो प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वायदा भी चुनाव के समय देश भर मे घूम घूम कर किया था, लेकिन बड़े अफसोस की बात है कि भाजपा सरकार सत्ता मे आने के बाद पूरी तरह जीत के घमंड मे डूब गई, और अपने किए गए वायदों जिसमे “प्रतिवर्ष 2 करोड़ रोजगार” व “हर व्यक्ति के अकाउंट मे 15 लाख रुपए जमा करवाना” मुख्य थे, आदि को बिलकुल भूल गई, और इसके उलट पूरे देश का ध्यान रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा व स्वास्थ्य, रोजगार जैसे बेहद जरूरी मुद्दो से हटा कर, घर वापसी, गौतस्करी , रामजादे -हरामजादे , रोमियो स्क्वायड, लव जेहाद जैसे गैर जरूरी मुद्दो मे उलझा दिया है .

चाहे बात संघर्षशील रोहित वेमुला की हो, जिनको प्रशासन के दमन के चलते अपनी जान तक गंवानी पड़ी,या फिर बात जुझारु युवा साथी चंद्रशेखर रावण की, जिन्होने समाज की जान माल की रक्षा के लिये आक्रमणकारीयो का प्रतिरोध किया. शोषक सत्ताधारी सरकार ने आक्रमणकारियों को बख्श्ते हुये, उल्टे पीड़ित पक्ष के युवाओ को ही जेल मे डाल दिया गया, यह जानते हुये कि अंबेडकरी आंदोलन संविधान को मजबूत करने वाला आंदोलन है, भीम आर्मी के चन्द्रशेखर रावण पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से “रासुका” लगाकर उसे जेल मे रह्ने को मजबूर किया जा रहा है. जो कि न्यायपालिका के साथ तो भद्दा मजाक है कि साथ ही वंचित समाज की आवाज़ का गला घोंटने का बड़ा षड्यंत्र भी है.

सामंतवादी जातिवादी शक्तिया आज देश भर मे बेलगाम होकर अपने कुकृत्यो को अंजाम दे रही है, आज भी कई स्थानों पर कमजोर समाज के लोगों को कहीं पेयजल लेने से रोका जा रहा है, तो कहीं नाम के पीछे “सिंह” जैसे उपनाम लगाने के चलते उनके साथ मारपीट की जा रही है. तो कहीं दुल्हे को अपनी ही शादी मे घोड़ी पर बैठने के चलते मारपीट और अपमान को सहना पड रहा है,गौरक्षा के नाम पर चल रही गुंडागर्दी के निशाने पर दलित वर्ग तो है ही, मुस्लिम समाज के तो कई लोगो की हत्या तक इसके चलते कर दी गई है, पहलू खान और अखलाक की हत्या इसके कुछ उदाहरण है। जातिवादी शक्तियाँ आज किस कदर बेलगाम हो चुकी है, इसका एक उदाहरण भीमा कोरेगाँव मे तब देखने को मिला जब हर वर्ष की भाँति पुणे (महाराष्ट्र) के भीमा कोरेगांव में स्थित साहस और शौर्य के प्रतीक “शौर्य स्तम्भ” के प्रति अपना सम्मान प्रकट करने के लिये इकट्ठे हुये कमजोर तबके के लोगों पर जातिवादी लोगो ने हमला कर दिया, जिसके चलते वहाँ इकट्ठा हुये लोगो मे से अनेको लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए.

आज देश में कुछ कट्टरपंथी शक्तिया भी आये दिन मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटनाओ को अंजाम दे रही है, और देश की जनता को विभाजित करने का कार्य कर रही है, देश भर मे सांप्रदायिक सौहार्द्ध बिगाड़ा जा रहा है, और इन सबके माध्यम से देशवासियो का ध्यान रोजगार-शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे जरूरी मुद्दो से हटाने का प्रपंच किया जा रहा है।

इन्ही सब मुद्दो को लेकर जयपुर मे एक विशाल जनसभा का आयोजन जयपुर मे किया जा रहा है

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